दावा
सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि The world’s congress of religions 1893 की पुस्तक में Brahmanism शब्द तो है पर हिंदू शब्द नहीं है।यह दावा पुस्तक की कवर पेज शेयर करके किया जाता है। नीचे आप एक ऐसा ही पोस्ट देख सकते हैं जो सोशल मीडिया एप एक्स पर किया गया है।

फैक्ट
The world’s congress of religions 1893 :
कि पुस्तक के भीतर Hindu और Hinduism दोनों शब्द मिलता है।
यहां हम पुस्तक का कुछ अंश दिखा रहे हैं ।


इस पुस्तक पर Hindu शब्द 77 बार और Hinduism शब्द 32 बार आता है।


इस पुस्तक के प्रथम संस्करण के कवर पेज पर Brahmanism शब्द जरूर मिलता है, परंतु पुस्तक के भीतर हिंदू और हिंदुज्म दोनों शब्द मिलते हैं। हमने यहां प्रमाण दिया भी है।
पुस्तक के अन्य संस्करण के कवर पेज भी अलग है।
हम लंदन के प्रकाशक Forgotton Publisher द्वारा इसी पुस्तक की प्रकाशित प्रति का कवर पेज दिखा रहे हैं,इस संस्करण के कवर पेज पर Brahmanism नहीं लिखा है।


निष्कर्ष
The world’s congress of religions 1893 पुस्तक के प्रथम संस्करण में हिंदू और हिंदुज्म दोनों शब्द लिखा है। पुस्तक के बाद के संस्करणों के कवर पेज पर Brahmanism शब्द भी नहीं लिखा। पुस्तक के कवर पेज रिप्रिंट होने पर बदल जाते हैं परंतु पुस्तक की विषय वस्तु और कंटेंट नहीं बदलता।इस पुस्तक के कंटेंट पर हिंदू और हिंदुज्म दोनों लिखा मिलता है। अतः सोशल मीडिया पर किया जा रहा दावा फर्जी है।



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