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यूरोप में चुड़ैलो के पहचान करने की विधि

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विच हंटिंग

यूरोपीय समाज में महिलाओं को चुड़ैल घोषित करके उन्हें जिंदा जलाने या फिर अन्य तरह के बर्बर यातनाएं देकर मारने की प्रथा रही। इसका संचालन चर्च द्वारा किया जाता था।16 से 18 शताब्दी तक ये प्रथा पूरे यूरोप में सबसे ज्यादा प्रचलित रही।जिसमें सबसे ज्यादा विच हंटिंग यूके, स्पेन, इटली, जर्मनी, फ्रांस, डेनमार्क, स्वीडन, अमेरिका, आयरलैंड, पोलैंड, नीदरलैंड्स, नार्वे प्रमुख थे।आज हम इस लेख में यह बताएंगे कि आखिर एक महिला को चुड़ैल घोषित करने के लिए चर्च द्वारा क्या मापदंड बनाए गए थे? चर्च ने कौन से नियम बनाए थे ?जिससे वो किसी महिला को चुड़ैल घोषित करने के लिए इस्तेमाल करते थे।

विच ट्रायल

विच ट्रायल का तात्पर्य यह होता था।जब किसी महिला को चर्च के बनाए नियमों के आधार पर एक परीक्षण से गुजरना पड़ता था। महिला वो होती थी जिस पर शक होता था कि ये चुडैल है। ऐसी संदेह वाली महिलाओं का पता विच फाइंडर करते थे। और फिर उन महिलाओं का परीक्षण होता था कि ये चुड़ैल है या नहीं आज हम यहां वहीं विधियां को जानेंगे।

चुड़ैल पता लगाने की प्रमुख सात विधि

1. तैराकी परीक्षण (Swimming test)
2. प्रार्थना (Prayer test)
3. स्पर्श परीक्षण (Touch test)
4. विच केक (Witch cake)
5. चुड़ैल चिन्ह परीक्षण (Witch mark test)
6. चुभन और खरोंच परीक्षण(Pricking and          Scratching Tests)
7. मंत्र (Incantations)
8. चुडैल का तौल(Weighing The Witch Against The Bible)

1.Swimming test (तैराक परीक्षण)

इस परीक्षण में आरोपित महिला जिस पर चुड़ैल होने का आरोप है उसे चर्च द्वारा, स्थापित विच ट्रायल कोर्ट में लाया जाता था। और कोर्ट की निगरानी में प्रकिया पूर्ण की जाती थी।इस परीक्षण में महिला के अंडरगारमेंट्स उतार दिए जाते थे और नग्न कर दिया जाता था। फिर महिला के हाथ पैर बांध कर तालाब पर फेंक दिया जाता था। तथा विच ट्रायल के अधिकारी द्वारा यह देखा जाता था कि महिला डूब रही है या सतह पर उतरा रही है। अगर महिला डूब गई मतलब वह चुड़ैल नहीं है। अगर सतह पर उतरा रही है तो महिला चुड़ैल है।डूब जाने की स्थिति में महिला की मृत्यु हो जाती थी फिर  रस्सी से उसे निकाल लिया जाता था।और यह सिद्ध हो जाता था कि वो महिला चुडैल नहीं। अगर महिला नहीं डूबी तो उसे चुड़ैल मान लिया जाता था फिर उसे जिंदा जला दिया जाता था या चर्च के आदेश पर दूसरे बर्बर यातनाएं देकर मार दिया जाता था।

2. प्रार्थना परीक्षण (Prayer witch trial)

इस नियम में आरोपित महिला को बाइबल के अंश पढ़ने होते थे। यह सबसे ज्यादा प्रयोग में लाया जाने वाला विच ट्रायल था। माना जाता था की चुड़ैलें बाइबल को सही ढंग से नहीं पढ़ सकती। इसलिए आरोपित महिला को बाइबल से कुछ अंश सुनाने के लिए कहा जाता था। वो भी बिना किसी गलती या चुक के और सही स्वर में । ज्यादा तर महिलाएं अनपढ़ होती थी या उन्हें कोई बाइबल पढ़ाने वाला नहीं होता था ,तथा ट्रायल के समय घबराई हुई रहती थी, इसलिए आरोपित महिला बाइबल के अंश को बिना त्रुटि के नहीं सुना पाती थी।महिला के बाइबल अंश सुनाने या न पढ़ पाने या सुनाने में किसी भी त्रुटि को इस बात का सबूत माना जाता था कि वो महिला चुडैल है। फिर उसे मार दिया जाता था।

3. स्पर्श परीक्षण (Touch Trial)

ऐसे मामलों में आरोपित महिला को एक कमरे में लाया जाता था। और एक पुरुष को स्पर्श करने को कहा जाता है। आरोपित महिला द्वारा स्पर्श से अगर पुरुष को कुछ नहीं हुआ जैसे कोई विशेष अनुभूति या उसके स्वास्थ्य में प्रभाव तो महिला निर्दोष मान ली जाती थी।उस पुरुष पर एक सप्ताह तक की निगरानी रखी जाती थी अगर इस बीच पुरुष बीमार हुआ तो फिर वह महिला को चुडैल मान लिया जाता था।

Touch Trial

4.विच केक(Witch Cakes)
इस परीक्षण में आरोपित महिला का मूत्र और मल लिया जाता था, इसे राई के आटे और राख के साथ मिलाते थे,और इससे एक केक बनाते थे।इस केक को एक कुत्ते को खिलाया जाता था। फिर कुत्तो पर निगरानी रखी जाती थी अगर कुत्ता मर गया या कुत्ता यह बता देता है की वो महिला चुडैल है तो फिर उस आरोपित महिला को चुडैल मान लिया जाता था।

5.चुडैल चिन्ह (Witch’s Marks)
आरोपित महिला के कपड़े उतरवाए और सार्वजनिक रूप से उसके शरीर की जांच की जाती थी। बदसूरत दाग तिल, निशान, जन्मचिह्न, घाव, आदि देखा जाता था। आरोपित महिला के स्तन की जांच की जाती थी। निप्पल की जांच की जाती थी।अतिरिक्त निप्पल एवं रंग में काले रंग का होना व स्तन के आकार बड़े होना। इससे साबित हो जाता था कि महिला चुड़ैल है।

6.(pricking and Scratching Tests)चुभन और खरोंच परीक्षण
इस नियम में माना जाता था की चुड़ैल के शैतान के साथ संबंध होने पर चुड़ैल के शरीर में कछ चिन्ह आ जाते हैं, इन चिन्ह को सुई से चुभाने पर रक्त नहीं आता और दर्द नहीं होता। आरोपित महिला के शरीर पर कई बार विशेष सूड़े चुभाया जाता था। पूरे शरीर का परीक्षण सुई चुभा के उस शैतान वाले चिन्ह को खोजा जाता था। ऐसा चिन्ह जहा सुई चुभाने पर रक्त एवं दर्द न हो। अक्सर महिलाएं इस तरह के सुई चुभन के दर्द से बचने के लिए खुद स्वीकार कर लेती थी की वो चुड़ैल है।

7.मंत्र (Incantations)

इस परीक्षण में आरोपित महिला को मंत्र द्वारा शैतान को बुलाने या शैतान से किसी को मुक्त करवाने को कहा जाता था।आरोपित महिला को एक कमरे में रखकर उसे मंत्र से शैतान बुलाने को कहा जाता था
आरोपित महिला को यातनाएं दी जाती थी ताकि वो शैतान को बुलाए।यातना से बचने के लिए महिला खुद कबूल लेती थी की वो चुड़ैल है।

8.चुडैल का तौल (Weighing The Witch Against The Bible)
ऐसा माना जाता था कि चुडैलें इतनी हल्की होती हैं कि वे झाड़ पर सवार हो सकती हैं और इसलिए उन्हें बाइबल से भी हल्का माना जाता था।अर्थात चुड़ैल हल्की होती है और बाइबल भारी। इस परीक्षण में तराजू पर एक तरह आरोपित महिला दूसरी तरफ बाइबल रखा जाता था।अगर महिला बाइबल से भारी हुई तो उसे चुड़ैल मान लिया जाता था।


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One response to “यूरोप में चुड़ैलो के पहचान करने की विधि”

  1. Aur ye angrejo ke tute india ko andh vishwashi kehte hain,ya the -ki Indian tau sampo (snake) ki puja krte hai.
    Ye jaankari sv indian ko honi hie chahiye.
    Dhanyawad sanatan samiksha ka aur Ashok ji ka.
    Jai Sanatan

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