सोशल मीडिया पर नवबौद्ध द्वारा लगातार यह कहा जाता है कि बाबा साहेब डॉ अम्बेडकर जी के पास 32 डिग्रीयां थी।
नवबौद्धो ने ऐसे बहुत से फोटो पोस्ट बना रखें है जिसमें बाबा साहेब के 32 डिग्रीयां का उल्लेख होता है।साथ ही 32 डिग्री का दावा करते ट्वीट, पोस्ट भी लिखते हैं। हम आपको कुछ उदाहरण स्वरूप पोस्ट दिखा रहे हैं।


बाबा साहेब निश्चित रूप से एक उच्च शिक्षित और विद्वान महापुरुष थे।परंतु बाबा साहेब के शिक्षा के संबंध में जो लोग झूठ फैलाते हैं वो बाबा साहेब का अपमान करते हैं।
आइए अब जानते है कि बाबा साहेब डॉ अम्बेडकर के पास कितनी डिग्रीयां थी
डॉ. अंबेडकर सतारा में अपनी स्कूली शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद एलफिंस्टन कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। स्नातक के बाद उन्होंने 1915 और 1916 में क्रमशः कोलंबिया विश्वविद्यालय से एम.ए. और पी.एच.डी. की डिग्री प्राप्त की।
इसके बाद वे आगे की पढ़ाई के लिए लंदन चले गए। उन्हें वहां ग्रेज़ इन में लॉ के लिए भर्ती कराया गया और लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस में डी.एस.सी. की तैयारी करने की भी अनुमति दी गई।उन्होंने बार-एट-लॉ और डी.एस.सी. की डिग्री भी प्राप्त की।
उन्होंने कुछ समय तक जर्मनी के बॉन विश्वविद्यालय में अध्ययन किया।1916 में उन्होंने ‘भारत में जातियाँ – उनका तंत्र, उत्पत्ति और विकास’ पर एक निबंध पढ़ा। 1916 में, उन्होंने अपना शोध प्रबंध ‘भारत के लिए राष्ट्रीय लाभांश – एक ऐतिहासिक और विश्लेषणात्मक अध्ययन’ लिखा और अपनी पीएच.डी. की डिग्री प्राप्त की। यह आठ साल बाद शीर्षक के तहत प्रकाशित हुआ – “ब्रिटिश भारत में प्रांतीय वित्त का विकास।” फिर इस उच्चतम डिग्री को प्राप्त करने के बाद, वे भारत लौट आए और उन्हें भविष्य में वित्त मंत्री के रूप में तैयार करने के उद्देश्य से बड़ौदा के महाराजा के सैन्य सचिव के रूप में नियुक्त किया गया।
डॉ. अंबेडकर बंबई लौट आए और सिडेनहैम कॉलेज में राजनीतिक अर्थव्यवस्था के प्रोफेसर के रूप में शामिल हो गए। चूंकि वह बहुत पढ़े-लिखे थे, इसलिए वे छात्रों के बीच बहुत लोकप्रिय थे। लेकिन उन्होंने लंदन में कानून और अर्थशास्त्र की पढ़ाई फिर से शुरू करने के लिए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। कोल्हापुर के महाराजा ने उन्हें आर्थिक मदद दी। 1921 में , उन्होंने अपनी थीसिस लिखी। ‘ब्रिटिश भारत में शाही वित्त का प्रांतीय विकेंद्रीकरण’ और लंदन विश्वविद्यालय से एम.एससी. की डिग्री प्राप्त की। फिर उन्होंने जर्मनी के बॉन विश्वविद्यालय में कुछ समय बिताया। 1923 में , उन्होंने डी.एससी. की डिग्री के लिए अपनी थीसिस – “रुपये की समस्या, उसका उद्गम और समाधान” प्रस्तुत की। 1923 में उन्हें बार में बुलाया गया ।
बाबा साहेब की शिक्षा वर्षवार
वर्ष 1902 – प्राथमिक विद्यालयी शिक्षा, सतारा से
वर्ष 1907- मैट्रिकुलेशन, एलफिंस्टन स्कूल
वर्ष 1909- इंटर,एलफिंस्टन कॉलेज, मुंबई
वर्ष 1912- बी.ए,एलफिंस्टन कॉलेज, मुंबई
वर्ष 1915- एम.ए ,कोलंबिया यूनिवर्सिटी, यूएसए
वर्ष 1916- पीएचडी,कोलंबिया यूनिवर्सिटी, यूएसए
वर्ष 1921- एम.एस.सी, लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स
वर्ष 1922- Bar-at-Law(बार.एट.ला), Gray’s Inn, London
वर्ष 1923- डी.एस.सी, लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स
इसके अतिरिक्त दो मानद उपाधि भी बाबा साहेब को प्राप्त हुई
वर्ष 1952 में L.L.D की मानद उपाधि कोलंबिया यूनिवर्सिटी यूएसए ने दिया
वर्ष 1953 में D.lit की मानद उपाधि उस्मानिया विश्वविद्यालय हैदराबाद ने दिया
बाबा साहेब डॉ अम्बेडकर की कुल डिग्रीयां
बाबा साहेब डॉ अम्बेडकर के पास कुछ छः एकेडमिक अर्जित थी। जो इस प्रकार है
बी.ए(1912)
एम.ए(1915)
पीएचडी(1916)
एम.एस.सी(1921)
Bar-at-Law(1922)
डी.एस.सी(1923)
इसके अतिरिक्त दो मानद उपाधि बाबा साहेब को दिया गया था।
L.L.D(1952)
D.Lit(1953)
The journey of Baba Saheb Ambedkar – Life, History & Works
Posted On: 13 APR 2024 3:13PM by PIB DelhiHistory of Ambedkar -SYMBIOSIS SOCIETY’S
DR. BABASAHEB AMBEDKAR MUSEUM & MEMORIAL, Pune
उपसंहार-
बाबा साहेब डॉ अम्बेडकर जी के पास छः एकेडमिक अर्जित डिग्री थी। दो मानद उपाधि भी। अगर एकेडमिक अर्जित डिग्री और मानद उपाधि दोनों जोड़ दिया जाए तो कुल आठ डिग्रीयां होती है।
अतः 32 डिग्रीयों वाला क्लेम निराधार है।
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