होम्योपैथिक एक कारगर चिकित्सा पद्धति है। पुराने से पुराने रोग होम्योपैथिक से ठीक किया जा सकता है। होम्योपैथिक आज भारत सहित पूरे विश्व में लोकप्रिय हो रहा है, जिसका प्रमुख कारण यह है कि होम्योपैथिक का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता और ये रोग को जड़ से समाप्त कर देती है। यहां हम इस लेख पर कुछ महत्वपूर्ण होम्योपैथिक औषधि के बारे में बता रहे हैं।इन औषधियों को घर पर रखा जा सकता है और जरूरत पड़ने पर चिकित्सक कि सलाह से इन दवाओं का प्रयोग किया जा सकता है।

(A) -बुखार – डेंगू – टाइफाइड – मलेरिया –
Aconite 30 – बुखार में बेचैनी,चेहरा लाल ,नाक से पानी गिरना,भय ( मृत्यु भय ) बुखार की प्रारम्भिक अवस्था।

Bryonia 200 – तेज बुखार,मुंह सूखा, खूब ज्यादा पानी पीने की इच्छा,एक घण्टे के अंतर पर एक – दो गिलास पानी पीना,कमजोरी,सुस्ती,भूख न लगना , खाना देख कर मिचली।पूरे शरीर में,जोड़ों में दर्द , गुस्सा,चिड़चिड़ापन।बुखार शाम को आता है।
Eupatorium 200 – भयंकर सिर दर्द,जोड़ो में दर्द,हड्डियों में टूट जाने जैसा दर्द,डेंगू की सफलतम् दवा,प्लेटलेट्स की संख्या घट जाती है। बुखार आने के पहले रोगी को पता लग जाता है कि वह बीमार होगा।बुखार प्रायः सुबह।
Baptisia Q – टाइफाइड,सुस्ती,कमजोरी,रोगी आंखें बंद रखता है,बड़बड़ाता है।ठंढ लगकर बुखार, जोड़ो और शरीर की मांसपेशियों में दर्द।
Antim crude 30 – ठंढ लगकर बुखार आना, अक्सर रात में,पैर ठंढ़ा शेष शरीर गर्म।
मलेरिया-
Nux vomica 200 – ठंढ – जूड़ी लगकर तेज बुखार,जो प्रायः दिन या रात के 11 बजे। 2 – 3 कम्बल ओढ़ता है फिर भी ठंढ़ लगती रहती है।यदि कहीं से हवा लग रही है तो उससे ठंढ और बढ़ जाती है।एक दो खुराक से ही ठंढ लगना बंद हो जाता है।
Gelsimium 200 – सर्दी-जुकाम,नाक से पानी गिरना,सिर दर्द जो झुकाने पर बढ़ता है।बुखार में सुस्ती,कमजोरी,कम्पन,चक्कर आना,बार बार जम्हाई आना।
Arsenic Alb 200 – घबराहट,बेचैनी,कमजोरी, स्थिर नहीं रह सकता । मृत्यु भय – रोगी कहता है अब नहीं बचूंगा ।Arsenic Alb 200 – घबराहट, बेचैनी,कमजोरी,स्थिर नहीं रह सकता।मृत्यु भय – रोगी कहता है अब नहीं बचूंगा।मुंह सूखा,खूब प्यास परन्तु 1-2 मिनट के अन्तर पर 1-2 घूंट पानी पीता है । कुछ भी खाने या पीने के तुरन्त बाद उल्टी। खाद्य विषाक्तता
(Food Poisoning )की अमोध औषधि। खाद्य विषाक्तता में Baptisia के साथ प्रयोग करें
सावधानी-मात्र एक-दो खुराक का प्रयोग करें,दवा बार-बार न दें।
(B) गैस – अपच – पेट साफ न होना –

Nux vomica – 30 , 200 आलसी ,गुस्सैल स्वभाव जो अक्सर शराब,अन्य नशीले पदार्थो या अधिक एलोपैथिक दवाओं का उपयोग करते है उनके पेट सम्बन्धी समस्याओं में अधिक उपयोगी । सुबह बार बार पखाने की हाजत परन्तु खुलकर पाखाना नहीं होता,पेट साफ नहीं होता।गैस से पेट फूला । होम्योपैथी की महत्वपूर्ण दवा।शराब के अधिक सेवन के बाद सुबह सिरदर्द,सुस्ती दूर करती है।
Carbo veg 200 – उपरी पेट में गैस अधिक, गैस से पेट फूला हुआ लगता है कुछ भी खाने के बाद वह गैस बन जाता है।डकार से व हवा खुलने सेआराम । गैस के कारण सिर दर्द।अधिक खा लेने के बाद अपच।पेट और गले में जलन।
Lycopodium 30 गैस,अफरा,अपच,बार बार डकार परन्तु उससे आराम नहीं।अच्छी भूख परन्तु एक दो निवाला खाने के बाद लगता है और खाने पर उल्टी हो जाएगी फिर थाली छोड़कर उठ जाता है । लीवर की क्रिया को बढ़ता है ।शाम 4 बजे से 8 बजे के बीच यह दवा न लें।बार बार प्रयोग न करें।एक दो खुराक लेने के बाद फल की प्रतीक्षा करें।
Hydrastis can Q – अधिक शराब पीने के दुष्प्रभाव को दूर करती है ।आंतों को सक्रिय करती जिससे पेट साफ रहता है।मल के साथ चिकनाई, श्लेष्मा,आंव।
( C ) हैंग ओवर – शराब पीने के बाद होने सिर दर्द और सुस्ती मे Nux vomica 30 और Rhus tox 200 उपयोगी है।

( D ) यात्रा के समय चक्कर आने पर Cocculus Ind 200 प्रभावी पाया गया है।

( E ) सिर दर्द –
Glonoin 30 – धूप से होने वाला सिर दर्द।धूप में निकलने से पहले व बाद में लेने पर आराम।लू ( Heat stroke ) लगने और एकाएक ठंढ़ लगने पर एक प्रभावी दवा । लू लगने की प्रतिषेधक दवा । शीत आघात(cold stroke)की अवस्था भी प्रयुक्त।
Belladonna 30 सिर में तेज टपक का दर्द , चेहरा लाल,बाल मुंडवाने या शीत लगने के बाद सिर दर्द , बुखार में टपक का सिर दर्द लाल चेहरा और टपक का दर्द प्रमुख लक्षण ।
Sangunaria 200 दाहिनी ओर का सिरदर्द , गर्दन और कन्धे में दर्द।दाहिनी ओर की अधकपारी का दर्द ।
spigelia 30 बाएं ओर का सिर दर्द,दर्द चेहरे तक आता है।बांयी ओर का अधकपारी का दर्द जो सूर्योदय से सूर्यास्त तक रहता है।
Nat Mure 200 कपाल शीर्ष या चांद पर दर्द । सिर के उपरी भाग में दर्द ।
Ipicac 30उल्टी और अत्यधिक मिचली के साथ सिरदर्द ।
( F ) पेट दर्द
chamomilla 30 प्रायः हर प्रकार के दर्द की उत्कृष्ठ दवा।दर्द के समय बेचैनी ,गुस्सा, क्रोध , चिड़चिपन प्रमुख लक्षण है। कान दर्द , दांत दर्द , पेट दर्द शरीर के किसी स्थान के दर्द में यदि उपरोक्त लक्षण रहे तो अवश्य लाभ होगा । बच्चों के दांत निकलते समय होने वाली सभी समस्याओं में प्रयुक्त एक उत्कृष्ठ दवा।
Colocynth 200 पेट में दर्द जिसका मुख्य लक्षण ‘ दबाने पर आराम ‘ होता है। रोगी पैर मोड़कर या पेट के बल सोता है।
Diascoria Q पेट में दर्द जो ‘ दबाने पर बढ़ता ‘ है।
(G) चोट लगना – मोच आना
Arnica 200 किसी भी तरह का चोट जिसमें नीला निशान पड़ जाए परन्तु घाव न हो,खून न निकले।मांस पेशियों में चोट या मोच आने की सर्वोच्च दवा।नील पड़ जाए,चोट से गूमड़ निकल आए आदि।
Calendula 30 व Q चोट लगने के कारण धाव और उससे रक्तश्राव।मदर टिंचर बाहर से लगाएं और 30 क्रम 3 -4 बार दें।धाव के ड्रेसिंग व धुलने के लिए भाग दवा में नौ भाग डिस्टिल्ड वाटर मिला कर प्रयोग करें।

( H ) अधिक शारीरिक परिश्रम या अधिक चलने के बाद शरीर और मांसपेशियों में खिंचाव और दर्द होने पर Rhus Tox 200 और Arnica 200 का प्रयोग करने से आराम मिलता है।

( । ) कमर और मांस पेशियों में दर्द –
Rhus Tox 200 कमर दर्द,बदन दर्द,मांस पेशियों में दर्द मुख्य लक्षण – बिस्तर पर लेटने पर बेचैनी भरा दर्द जिसमें करवट लेने या उठकर चलने से आराम मिलता हो। चलने फिरने पर आराम और स्थिर रहने या लेटे रहने पर दर्द बढ़ता हो।
Bryonia 200 इसका लक्षण Rhus Tox के ठीक विपरीत होता है।रोगी को चलने फिरने में तकलीफ होती है और वह स्थिर रहना चाहता है । जोड़ो में व पूरे शरीर में असहनीय दर्द ।
Arnica 200 पूरे शरीर में कुचल जाने जैसा दर्द , मारने -पीटने के बाद हुए घाव जैसा दर्द।बिस्तर कड़ा लगता है।
Mag phos 6x स्नायविक बेचैन करने वाला दर्द । गर्म सेंक से आराम मिलता है।
(किसी भी दवा का प्रयोग करने के पहले होम्योपैथिक चिकित्सक से परामर्श जरूर लें)
डॉ. दुष्यंत सिंह
BHMS
होम्योपैथिक चिकित्सक



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