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सेकुलर देश में वक्फ कानून का होना जायज है?

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आज हम वक्त एक्ट के बारे में संपूर्ण तथ्य जानेंगे और यह भी जानने की कोशिश करेंगे की क्या भारत जैसे सेकुलर देश में वक्फ कानून का होना जायज है ?

सबसे पहले वक्फ का मतलब जानेंगे

•वक्फ का मतलब होता है, अल्लाह को अर्पित की गई संपत्ति ।

• ये संपत्ति चल अचल दोनों तरह की हो सकती है।

• जैसे जमीन, मकान, नकद, कीमती वस्तु, अनाज, या अन्य कोई चल अचल संपत्ति ।

• अगर कोई संपत्ति एक बार वक्फ हो जाती है तो वो सदैव वक्फ रहती है।

• वक्फ संपत्ति होने के बाद वो किसी भी परिस्थिति में वापस नहीं होती ।

वक्फ कानून का इतिहास

• 1955 में नेहरू सरकार ने वक्फ एक्ट बनाया।

• वक्फ एक्ट 1956 में लागू हुआ।

• 1964 में पहला केन्द्रीय वक्फ परिषद बना

• पहला संशोधन 1995 में कांग्रेस की सरकार ने किया

• दूसरा संशोधन 2013 में कांग्रेस की सरकार ने वक्फ कानून को और सख्त करने के लिए किया।

वक्फ बोर्ड

• एक केन्द्रीय वक्फ बोर्ड होता है बाकि हर राज्य में एक राज्य वक्फ बोर्ड होता है।

• वर्तमान में एक केन्द्रीय वक्फ बोर्ड और 32 राज्य वक्फ बोर्ड स्थापित है।

• ये सभी बोर्ड वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन करती है साथ ही नई वक्फ संपत्तियों का पता लगाना

• बोर्ड के सभी सदस्य मुस्लिम होते हैं।

वक्फ की संपत्ति

• अल्पसंख्यक मंत्रालय के अनुसार वक्फ बोर्ड के पास पूरे देश भर में 8,65,646 संपत्तियाँ पंजीकृत हैं। इनमें से 80 हजार से ज्यादा संपत्ति वक्फ के पास केवल बंगाल में हैं। इसके बाद पंजाब में वक्फ बोर्ड के पास 70,994, तमिलनाडु में 65,945 और कर्नाटक में 61,195 संपत्तियाँ हैं। देश के अन्य राज्यों में भी इस संस्थान के पास बड़ी संख्या में संपत्तियाँ हैं।

• रेल्वे, रक्षा मंत्रालय के बाद वक्फ के पास सबसे ज्यादा जमीन है।

वक्फ कानून के प्रावधान

• सेक्शन 101 के तहत वक्फ बोर्ड के सर्वेयर और सभी कर्मचारी पब्लिक सर्वेट माने जाएंगे।

सेक्शन 89 में लिखा है कि वक्फ बोर्ड के खिलाफ कोई मामला दायर करना है तो आपको दो महीने पहले नोटिस देनी पड़ेगी।

सेक्शन 55 और 56 के तहत किसी की भी संपत्ति को अवैध घोषित कर सकता है।

सेक्शन 40: अगर वक्फ बोर्ड को लगता है कि कोई संपत्ति उसकी है तो वो उसकी सर्वे कर सकता है और अगर बोर्ड ये मान ते कि ये संपत्ति उसकी है तो वो उस संपत्ति को वक्फ की संपत्ति घोषित कर सकता है।

संपत्ति वक्फ बोर्ड की नहीं, ये प्रतिवादी को साबित करना होता है।

वक्त बोर्ड सर्वे के बाद वो संपत्ति को वक्फ संपत्ति घोषित कर सकता है।

सर्वे में जो भी खर्च होता है उसे सरकार वहन करती है (section 4) प्रतिवादी किसी भी कोर्ट में इसके खिलाफ नहीं जा सकता, प्रतिवादी केवल वक्फ ट्राइब्यूनत में जा सकता है, ट्राइब्यूनल में इस्लाम के जानकार होते हैं प्रतिवादी अगर ट्राइब्यूनल में एक साल के अंदर नहीं जाता, फिर वो ट्राइब्यूनल में भी अपील नहीं कर सकता (section 6)

वक्फ ट्राइब्यूनल में प्रतिवादी को भी साबित करना होता है कि ये संपत्ति वक्फ नहीं।

वक्फ ट्राइब्यूनत का फैसला अंतिम और बाध्य होता है।

• सेक्शन 54 वक्फ बोर्ड सिर्फ किसी संपत्ति को वक्फ संपत्ति ही नहीं घोषित कर सकता, बल्कि वो उस संपत्ति पर अतिक्रमण को हटाने के लिए डीएम को भी कह सकता है। डीएम को ऐसी संपत्ति को खाली करवाना होगा।

• सेक्शन 83 वक्फ ट्रिब्यूनल के पास वैसे शक्तियां होंगी जैसे सिविल कोर्ट के पास होती है। ट्रिब्यूनल का फैसला फाइनल होगा। उसे सभी पक्षों को मानना होगा, वक्फ ट्रिब्यूनल के फैसले के खिलाफ कोई अपील नहीं की जा सकती।

• सेक्शन 85 : इसके तहत अगर कोई मामला वक्फ से जुड़ा हुआ है तो उसे किसी सिविल, राजस्व कोर्ट या किसी अन्य प्राधिकरण में चुनौती नहीं दे सकते। अगर आपकी संपत्ति को वक्फ घोषित कर दिया जाए तो आपको वक्फ ट्रिब्यूनल में जाना होगा। वक्फ ट्राइब्यूनल में इस्लाम के जानकार होते हैं।

संपत्ति के रूप में पंजीकृत करे

• धारा 8 के अनुसार, “इस अध्याय के तहत औकाफ की सूची या सूचियों के प्रकाशन की लागत सहित सर्वेक्षण करने की कुल लागत राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी।”

वक्फ करने के आधार

• वक्फ बोर्ड तीन आधार पर संपत्ति को वक्फ कर सकती हैं

• कोई व्यक्ति अपनी संपत्ति वक्फ कर दे (गैर मुस्लिम भी ये कर सकता है।

• जहा कब्रिस्तान मस्जिद मजार या नमाज, अजान पढ़ी जाने वाली जगह, या मुस्लिम संस्था द्वारा किसी संपत्ति को लंबे समय तक इस्तेमाल किया गया हो

• सर्वे के द्वारा, अगर वक्फ को लगता है ये संपत्ति वक्फ भी है तो वो सर्वे करके उसे वक्फ घोषित कर सकता है।

सुप्रीम कोर्ट जजमेंट (Mohammad Salie Labbai by LR. V. Mohd. Hanifa)

इस जजमेंट में सुप्रीम कोर्ट ने कहा अगर कही अजान और नमाज की परमिशन है तो वो जगह अपने आप वक्फ बन जाती है। और एक बार जो वक्फ हो गया वो अपरिवर्तनीय है।

चर्चित वक्फ केस

.ताजमहल को वक्फ बोर्ड ने वक्फ घोषित कर दिया।
• मुकेश अंबानी के घर को भी वक्फ बोर्ड, वक्फ बता चुकी है।
• तमिलनाडु वक्फ बोर्ड ने 1500 साल पुराने मानेदियावल्ली चंद्रशेखर स्वामी मंदिर की जमीन पर मालिकाना हक का दावा किया है तमिलनाडु के तिरुचि जिले के तिरुचेंधुरई गांव जो हिन्दू बहुल गांव है उसे वक्फ बोर्ड ने वक्फ कर दिया।

दिल्ली का सत्तर-सात प्रतिशत हिस्सा वक्फ की जमीन पर है, जिसमें दिल्ली उच्च न्यायालय भी शामिल है। सेंट्रल विस्टा, जिसका हाल ही में पुनर्निर्मित किया गया है… वक्फ की जमीन पर है। सीजीओ कॉम्प्लेक्स और जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम वक्फ की जमीन पर हैं।

वक्फ के खिलाफ बीजेपी सांसद हरनाथ यादव का प्राइवेट बिल

वक्फ एक्ट 1995 को समाप्त करने के लिए भाजपा के राज्यसभा सदस्य हरनाथ सिंह यादव की ओर से पेश किए गए एक निजी विधेयक पर कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी सदस्यों ने काफी शोरशराबा किया। इस बिल को पेश करते हुए हरनाथ सिंह यादव ने कहा कि वक्फ एक्ट 1995 लोकतंत्र के प्रतिकूल है और यह देश की तमाम विधि व्यवस्थाओं के अनुरूप नहीं है इसलिए देश हित में इसे समाप्त किया जाना चाहिए।

• कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों- माकपा, भाकपा, एनसीपी, द्रमुक, तृणमूल कांग्रेस और राजद के सदस्यों ने इसका विरोध करते हुए भाजपा पर ध्रुवीकरण तथा सांप्रदायिक विभाजन पैदा करने का आरोप लगाया।

वक्फ एक्ट पर सबाल करने वालों का तर्क

वक्फ एक्ट भारतीय लोकतंत्र के सेकुलर सिंदात के खिलाफ है। वक्फ एक्ट ऐसा एक्ट है जहां वक्फ प्रापर्टी सिविल कोर्ट सुनवाई नहीं कर सकते, केवल वक्फ का ट्राइब्यूनल ही सुनवाई कर सकता है। जबकि हिंदू और ईसाई सहित अन्य धार्मिक ट्रस्ट या संपत्ति की सुनवाई सिविल कोर्ट में होती है।

• वक्फ के खिलाफ कोर्ट नहीं जा सकते, और प्रतिवादी को ही साबित करना होता है कि ये प्रापर्टी वक्फ नहीं।

• वक्फ बोर्ड के सभी अधिकारी कर्मचारी पब्लिक सर्वेट होते हैं, जबकि मंदिर या अन्य धार्मिक ट्रस्ट में
कार्यरत लोग पब्लिक सर्वेट नहीं।

• वक्फ सर्वे में जो लागत लगती है वो राज्य सरकार वहन करती है जबकि अन्य धार्मिक स्थल के लिए ऐसा कोई सर्वे राज्य सरकार नहीं करती।

• वक्फ बोर्ड के पास विवाद निपटान के लिए वक्फ ट्राइब्यूनल है, जबकि अन्य धार्मिक ट्रस्ट या सम्पत्ति के मामले सिविल कोर्ट में सुने जाते हैं।

• जब गैर-मुस्लिम किसी भी धर्म की संपत्तियों को विशेषाधिकार नहीं है तो मुसलमानों के लिए क्यों?

• देश में तुष्टीकरण की राजनीति संवैधानिक प्रावधानों पर भी हावी हो गई है जिससे कई मामलों में संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
• मुस्लिम वोटबैंक के लिए वक्फ जैसे कानून बनाए गए।
• वक्फ कानून धर्मनिरपेक्षता और समानता के खिलाफ है।

वक्फ के खिलाफ वरिष्ठ वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय की याचिका

• वरिष्ठ वकील वक्फ एक्ट के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की

• याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जहां सवाल कानून का हो वहां धर्म को लाने की क्या जरूरत है।

• सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि हमें दुख है कि आप कानून के मामले में धर्म को बीच में ला रहे हैं।

• सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी।

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