भारत में 10 ऐसे गांव हैं जहां की पहली भाषा संस्कृत है। यानी यहां लोग आपस में बातें भी संस्कृत में करते हैं।जहां आज की यंग जेनेरेशन हिंदी भी ठीक से नहीं बोल पाती। हिंदी भाषी प्रदेशों में भी लोग हिंदी में बात करने में कतराते हैं। उस दौर में भी भारत में ऐसी जगहें हैं जहां हिंदी या कोई क्षेत्रीय भाषा तो छोड़िए, लोग संस्कृत में बातें करते हैं।
1.मट्टूर, कर्नाटक
कर्नाटक के शिवमोगा ज़िले में स्थित मट्टूर को “भारत का संस्कृत गाँव” कहा जाता है। यहाँ के निवासियों की मुख्य संचार भाषा संस्कृत है, जिसे शैक्षणिक संस्थानों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से सक्रिय रूप से बढ़ावा दिया जाता है।यहां के लोग आज भी संस्कृत में ही बात करते हैं।
2.झिरी, मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश के राजगढ़ में स्थित झिरी गांव में लोग संस्कृत में बात करते हैं।यहां की दीवारें संस्कृत में लिखे विज्ञापनों और श्लोकों से सजी हैं। पुरानी पीढ़ी अगली पीढ़ी को संस्कृत सिखाती है। शादियों में महिलाएं जो शादी के गीत गाती हैं वो भी संस्कृत में ही होते हैं।
3.सासाना, ओडिशा
ओडिशा के तटीय केन्द्रपाड़ा जिले में स्थित श्यामसुंदर ग्राम पंचायत के अंतर्गत सासना गांव के लोगों में संस्कृत भाषा में उच्च स्तर की दक्षता है,जो दैनिक जीवन और धार्मिक समारोहों में दिखती है। यहां लोग धाराप्रवाह संस्कृत में बातचीत करते हैं।
4.बघुवर, मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के बघुवर गांव में संस्कृत भाषा सीखने की लंबी परंपरा रही है। यहां ग्रामीण लोग अपने दैनिक जीवन में संस्कृत भाषा का व्यापक रूप से उपयोग करते हैं।
5.गनोड़ा, राजस्थान
राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में स्थित गनोड़ा गांव में लोग धाराप्रवाह संस्कृत में बात करते हैं। यहां संस्कृत के प्रचार प्रसार के लिए भी कार्य किया जाता है।ज्ञानोदय समिति नामक एक विद्यालय है,जो संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देता है और दैनिक जीवन में संस्कृत उपयोग को प्रोत्साहित करता है।
6.मोहद, मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में स्थित मोहद गांव में दैनिक बोलचाल में संस्कृत का व्यापक उपयोग करते है, जिसे सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
7.होसहल्ली, कर्नाटक
कर्नाटक के शिवमोगा जिले में स्थित होसहल्ली गांव में भाषा संस्कृत के प्रमुख प्रयोग के लिए जानी जाती है। संस्कृत यहां के निवासियों की सांस्कृतिक पहचान का आधार है। यहां के लोग दैनिक जीवन में बोल चाल के लिए संस्कृत का उपयोग करते हैं।
8.श्यामसुंदरपुर, ओडिशा
ओडिशा के केन्द्रपाड़ा जिले में स्थित श्यामसुंदरपुर अपने संस्कृत भाषी निवासियों के लिए जाना जाता है।दैनिक जीवन में संस्कृत भाषा का सक्रिय रूप से उपयोग करते हैं।
9.पुरुषोत्तमपुर, ओडिशा
ओडिशा के गंजम जिले में स्थित पुरुषोत्तमपुर अपनी संस्कृत विरासत के लिए प्रसिद्ध है,जो गांव के सांस्कृतिक ताने-बाने का अभिन्न अंग है।यहां के लोग संस्कृत में बातचीत करते हैं।
10.शिकारीपुरा, कर्नाटक
कर्नाटक के शिमोगा जिले में स्थित शिकारीपुरा को संस्कृत के संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के लिए जाना जाता है। यहां के लोग संस्कृत भाषा में पारंगत हैं। धाराप्रवाह संस्कृत बोलते हैं।



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