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चाइना में कन्या हत्या का  प्रचलन

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चाइना के समाज में कन्या शिशु हत्या के प्रमाण लगभग 2000 साल पुराने मिलते हैं।
चीन में कन्या भ्रूण हत्या पर कन्फ्यूशीवाद एक बड़ा कारण था ‌।

कन्फ्यूशीवादी यह मानते थे कि लड़की अपने माता-पिता की सेवा नहीं कर सकते। किसी के बुढ़ापे का सहारा नहीं बन सकते। लड़कीयो को दहेज की आवश्यकता होती थी और वे पति के घरों के लिए बाध्य होती थीं।

चाइना में जब बुद्धिज्म आया तो वहां लोगों में आत्मा का स्थनांतरण की अवधारणा आ गई उनका मानना था कि अगर वो शिशु कन्या को मार देंगे तो उसे अमीर पुरुष के रूप में जन्म मिलेगा ।

मृत शिशु के शरीर को छद विछद कर देते थे ताकि शिशु दोबारा जन्म लेकर बदला न लें।ये धारणा बौद्ध चाइनीज में थी।
इसलिए लोग शिशु कन्या को मार देते थे।

शिशु कन्या को मारने की प्रचलित विधि

1.दफन करना

शिशु कन्या को एक गड्डे में दफन करने की एक विधि प्रचलित थी

2.पानी से डूबोना

इस विधि में बाल्टी में पानी भर कर शिशु को उसमें डूबा दिया जाता था जब तक वह मर नहीं जाता।ये विधि आम थी और सबसे ज्यादा प्रचलित थी।
इस विधि को नी नु कहते हैं। किंग राजवंश में यह विधि सर्वाधिक लोकप्रिय हुई।

3.धारदार हथियार से मारना

ये ज्यादा प्रचलित नहीं थी। पर ऐसा करने वालों की मान्यता थी शरीर फट या कट जाने से पुनर्जन्म नहीं होगा। जिससे शिशु बदला नहीं लेगा।

4.बेबी टावर
बौद्ध भिक्षुणिया ने कन्या शिशु को रखने के लिए लोगों के लिए बेबी टावर बनाया। यहां शिशु कन्या को लोग छोड़कर चले जाते थे,  ये बच्चे  दो दिनों तक जीवित रहे और पास से गुजरने वाले लोग चिल्लाते हुए बच्चे को नजरअंदाज कर देते थे।भूख प्यास या जीव जंतु के हमले से मर जाता था।

बेबी टावर

यह  जियांग्शी में प्रचलित था। डेविड एबील ने 1844 में इस विस्तृत लेख लिखा। इनके अनुसार एक-चौथाई से एक-तिहाई कन्या बच्चों को जन्म के समय या उसके तुरंत बाद मार दिया जाता था।

5.अन्य विधिया
👇🏻
जंगल में छोड़ देना
टोकरी में रख के दूर छोड़ आना
नदी में छोड़ आना
दम घोंट देना
ये सब अन्य विधि थी जो कम प्रचलित थी।

यह पुस्तक महत्वपूर्ण है। जो चीन के  कन्या हत्या के इतिहास को बताती है

रिफरेंस-

सत्रहवीं शताब्दी में माटेओ रिक्की का document
अबील, डेविड (13 मई 1844)। “चीन में शिशुहत्या”

कोल, एंस्ले जे.; बैनिस्टर, जूडिथ (1994)। “चीन में पाँच दशकों से लापता महिलाएँ

जॉनसन, के एन (1985)। चीन में महिलाएँ, परिवार और किसान क्रांति । शिकागो विश्वविद्यालय प्रेस

ली, बर्निस जे. (1981)। “चीन में कन्या शिशुहत्या”। ऐतिहासिक प्रतिबिंब/प्रतिबिंब इतिहास।

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