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बौद्ध धर्म का पतन

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डॉ. अम्बेडकर ने अपने लेखन में स्पष्ट लिखा है कि , बौद्ध धर्म का पतन मुसलमानो के आक्रमण के कारण हुआ है।आइए इस संबंध में डॉ. अम्बेडकर के लेखन को देखते हैं। यहां हम डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाड्मय हिंदी का रिफेरेंस देखें।

जब मुस्लिम आक्रमण होने लगे, तब हमें सिंध का उदाहरण मिलता है, जहां पर उत्पीड़न । अत्याचार ही निस्संदेह बौद्ध धर्म के पतन का कारण बना। यह अत्याचार तथा उत्पीड़न मुसलमानों के आक्रमण तक जारी रहा।

बाबा साहेब अम्बेडकर
डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाड्मय(हिंदी)भाग 7
पेज नंबर 102

इसमें कोई संदेह नहीं है कि भारत में बौद्ध धर्म का पतन मुसलमानों के आक्रमणों के कारण हुआ था।

बाबा साहेब अम्बेडकर
डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाड्मय(हिंदी)भाग7
पेज नंबर 92

इस्लाम की तलवार ने बौद्धों के पुरोहितो को बुरी तरह नष्ट कर दिया

बाबा साहेब अम्बेडकर
डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाड्मय(हिंदी)भाग7
पेज नंबर 93

मुसलमान विचारकों की दृष्टि में मूर्तिपूजा और बौद्ध धर्म,दोनों एक-दूसरे के पर्याय हैं।मुसलमानों के लिए मूर्तिपूजा तथा बौद्ध धर्म एक जैसे ही थे।इस प्रकार मूर्तिभंजन करने का लक्ष्य, बौद्ध धर्म को नष्ट करने का लक्ष्य बन गया।

डॉ. अम्बेडकर
सम्पूर्ण वाड्मय(हिन्दी)भाग 7
पेज  92

मुसलमान सेनापत्तियों ने बहुत बड़ी संख्या में भिक्षुओं को मौत के घाट उतार दिया।बौद्ध भिक्षुओं को मुसलमान आक्रमणकारियों ने अपनी तलवार से किस प्रकार नष्ट किया,इसका वर्णन स्वयं मुस्लिम इतिहासकारों ने किया है।

बाबासाहेब डॉ अम्बेडकर
डॉ.अम्बेडकर सम्पूर्ण वाड्मय(हिंदी)भाग 7
पेज 95

बौद्ध पुजारियों का मुसलमान आक्रमणकारियों द्वारा संहार किया गया।उन्होंने जड़ पर ही कुल्हाड़ी मारी।धम्मोपदेष्टा की हत्या कर इस्लाम ने बौद्ध धर्म की ही हत्या कर दी।यह एक घोर संकट था,जो भारत में बौद्ध धर्म के लिए विनाशकारी सिद्ध हुआ

डॉ.अम्बेडकर
सम्पूर्ण वाड्मय हिंदीभाग7
पेज 96

इस्लाम धर्म के अस्तित्व में आने से पहले बौद्ध धर्म बैक्ट्रिया, पार्थिया, अफगानिस्तान, गांधार तथा चीनी तुर्किस्तान का धर्म था और एक प्रकार से यह धर्म समूचे एशिया में फैला हुआ था। इन सब देशों में इस्लाम ने बौद्ध धर्म को नष्ट किया

डॉ. अम्बेडकर
सम्पूर्ण वाड्मयहिंदीभाग7
पेज  92

इस्लाम की तलवार ने पुजारियों पर भारी आघात किया। इससे वह या तो नष्ट हो गया या भारत के बाहर चला गया। बौद्ध धर्म के दीपक को प्रज्वलित रखने के लिए कोई भी जीवित नहीं बचा।

बाबा साहेब डॉ अम्बेडकर
डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाड्मय (हिंदी)भाग 7
पेज नंबर 96

इस्लाम ने बौद्ध धर्म को केवल भारत में ही नष्ट नहीं किया, बल्कि वह जहां भी गया, वहीं उसने बौद्ध धर्म को मिटाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी।


बाबा साहेब अम्बेडकर
डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाड्मय (हिंदी) भाग 7
पेज नंबर 92

मुसलमान आक्रमणकारियों ने जिन बौद्ध विश्वविद्यालयों को लूटा, इनमें कुछ नाम नालंदा, विक्रमशिला, जगद्दल, ओदंतपूरी के विश्वविद्यालय हैं। उन्होंने बौद्ध मठों को भी तहस-नहस कर दिया, जो सारे देश में स्थित थे। हजारों की संख्या में भिक्षु भारत से बाहर भागकर नेपाल, तिब्बत और कई स्थानों में चले गए। मुसलमान सेनापतियों ने बहुत बड़ी संख्या में भिक्षुओं को मौत के घाट उतार दिया।

-डॉ. बी. आर. अम्बेडकर
सन्दर्भ-डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाड्मय खण्ड-हिन्दी भाग 7  पेज नं 95

अशोक पटेल

समाजशास्त्री एवं लेखक

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