संविधान के भाग तीन की शुरुआत भगवान राम, सीता लक्ष्मण से हुई है। इस भाग में मौलिक अधिकारों का उल्लेख है। यह पेज नंबर 6 पर है। इस चित्र में राम, सीता और लक्ष्मण पुष्पक विमान से अयोध्या लौट रहे हैं।

संविधान के भाग चार की शुरुआत कुरुक्षेत्र के चित्र से हुई है। इसमें भगवान कृष्ण, अर्जुन को गीता का ज्ञान देते हुए दिखते हैं। इस भाग में राज्य की नीति के निदेशक तत्व बताए गए हैं। यह पेज नंबर 17 पर है।

संविधान के भाग आठ की शुरुआत हनुमान जी के चित्र से हुई है। इस भाग का नाम राज्य (पहली अनुसूची के भाग ग के राज्य) है। यह पेज नंबर 102 पर है। चित्र में हनुमान, सीता की तलाश में उड़ते हुए लंका जा रहे हैं।

संविधान के भाग 13 में भगीरथ का चित्र बना है।यह पेज नंबर 130 पर है।इसमें महाबलीपुरम मंदिर पर उकेरी गई कलाकृतियों को दर्शाया गया है। शेषनाग के साथ-साथ अन्य देवी- देवताओं के चित्र हैं। इसी चित्र में भगीरथ की तपस्या और गंगा अवतरण को भी दर्शाया गया है।

संविधान के भाग दो की शुरुआत वैदिक काल के गुरुकुल के चित्र से हुई है। इस भाग का नाम नागरिकता है। यह पेज नंबर 3 पर है। उस समय तक अग्नि, इंद्र और सूर्य की पूजा करना आम जीवन में शामिल हो चुका था।

संविधान के भाग 12 में नटराज का चित्र बना हुआ है। इस भाग का नाम वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद है। यह पेज नंबर 113 पर है। यह दक्षिण भारतीय शैली का चित्र है। जिसमें काल की छाती पर पैर रखकर नटराज नृत्य कर रहे हैं।

संविधान की मूलप्रति भारतीय संसद में संरक्षित है। इसी संविधान की मूल प्रति में हिंदू आराध्यों भगवान राम, कृष्ण, हनुमान के चित्र हैं।

भारतीय संविधान के मूलप्रति पर बाबा साहेब डॉ अम्बेडकर के हस्ताक्षर हैं।इसी संविधान की मूल प्रति में हिंदू आराध्य भगवान राम, कृष्ण, हनुमान के चित्र हैं।

भारतीय संविधान के मूलप्रति पर जवाहर लाल नेहरू जी एवं राजेन्द्र प्रसाद जी के हस्ताक्षर हैं।
इसी संविधान की मूल प्रति में हिंदू आराध्य भगवान राम, कृष्ण, हनुमान के चित्र हैं।

संविधान निर्माताओं ने संविधान में वैदिक संस्कृति, भगवान राम, कृष्ण को भारत का प्राचीन इतिहास माना एवं इनके चित्रण कर संविधान की मूल प्रति में संरक्षित किया।
अशोक पटेल
समाजशास्त्री एवं लेखक
Follow



Leave a Reply