बौद्ध समाज में बहुपति प्रथा प्रचलित थी। एक बौद्ध महिला को कई पतियों के साथ रहना पड़ता था। इस प्रथा को रोकने के लिए कश्मीर के हिंदू राजा ने कानून बनाया था। जिसका नाम बुद्धिस्ट पालीएंड्री मैरिज प्रोहिबिशन एक्ट 1941 बनाया।

हिंदू कोड बिल आने से बौद्ध महिलाओं को संपत्ति में अधिकार मिला साथ ही विवाह तलाक पुनर्विवाह का भी अधिकार मिला। इसके अतिरिक्त बहुपति विवाह से कुप्रथा से भी हिंदू कोड बिल ने बौद्ध महिलाओं को बचाया।
अतः यह भी स्पष्ट है कि हिंदू कोड बिल से पहली बार बौद्ध महिलाओं को , हिंदू के तौर पर पहली बार कानूनी अधिकार मिलें।



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